Monday, December 29, 2014

Hindi Poem - नया साल

Feelings about New year. Time is as it is. Its we who are counting it. Traveling with it till our journy. Collecting painful and cherishing moments from it.

 

समय तो वही हैं 

वो कब बदलता हैं 

भागने की इस होड़ मैं 

हम माइलस्टोन रच रहे हैं । 

  

साल पे साल जा रहा हैं 

और नया साल आ रहा हैं 

कुछ खट्टी मीठी यादे छोड़ रहा हैं 

नयी ख्वाईशें पिरो रहा हैं । 

 

कुछ दोस्त यादो मैं बसा रहा हैं 

और कुछ नए जोड़ रहा हैं 

सफर मैं गम और खुशिया बटोर रहा हैं 

हर बार इक नए मोड़ पे लाकर छोड़ रहा हैं ।

स्वतःशी झालेली भेट

  स्वतःशी झालेली भेट सगळ्यांसाठी धावताना, कधी स्वतःसाठी थांबलोच नाही, कुणाचं मन जपता जपता, आपलंच मन कधी जपलं नाही. एक दिवस असाच शांत बसलो, क...