तुम्हे पता हो या न हो
तुम्हे पता हो या न हो
बादल गरज रहे हैं
बिजली चमक रही हैं
बारिश हो रही हैं
और तुमसे कुछ कहने को मेरी आखे तरस रही हैं
## 🇮🇳 आद्य क्रांतिकारक "वासुदेव बळवंत फडके" 🇮🇳 सरस्वती-बळवंतांचा तू तेजस्वी सुपुत्र। तुझ्या स्मरणाने नतमस्तक होई हृदय पवित्र॥ ...