Tuesday, July 3, 2018

तुम्हारे साथ ने ये क्या कर दिया - Hindi poem


हाल इस दिल का ये  क्या कर दिया 
तुम्हारे साथ ने वफादार कर दिया 
तुम्हारी मुस्कराहट ने कर्जदार कर  दिया 

दोराहे पे खड़ा हैं अब ये 
खुद को भूल बैठा है अब ये 

तैरना आता हैं हमें फिर भी 
डुब जाने को दिल करता हैं 

अमावस की रात में  भी 
 चाँद पूरा नजर आता हैं 

तावीज बन गए हो 
हर गम डर  जाता हैं 





स्वतःशी झालेली भेट

  स्वतःशी झालेली भेट सगळ्यांसाठी धावताना, कधी स्वतःसाठी थांबलोच नाही, कुणाचं मन जपता जपता, आपलंच मन कधी जपलं नाही. एक दिवस असाच शांत बसलो, क...