Monday, March 11, 2013

Hindi Poem- कंप्यूटर पार्ट्स


Educational poem for computer parts:

एक बार सारे कंप्यूटर पार्ट्स की हुई मीटिंग

माऊस घूम घूमके बोला, सबसे अच्छा मैं
क्यों की लोगो को पुरे कंप्यूटर की सैर करता मैं

कीबोर्ड बोला मैं तो दोनो हाथ लपेटता हु
टाइप किया सब स्क्रीन पे छापता हूँ

माइक्रोफोन बोला मैं सबकी आवाज लेता हु
स्पीकर बोला मैं उसको कानोंतक पहुँचाता हूँ

डिस्प्ले कैसे चुप रहता,बोला मैं तो सब दिखाता हूँ
हार्ड डिस्क बोली मैं सब डाटा जमाती हूँ

ड्राइव एकसाथ बोले हम डाटा तुझतक लाते हैं
डाटा ट्रान्सफर मैं काम आते हैं

सॉफ्टवेर चिल्लाया चुप रहो सब तुम सारे शरीर के अंग हो
मैं तो तुम्हारी आत्मा हूँ , मुझबिन तुम सब डेड हो

ये सब सुनकर शांत सीपीयू हुआ उठ खड़ा
बोला ना तू बड़ा ना मैं बड़ा
मैं तुम सबको एक रखता हूँ
तुम सब हमेशा मेरी आज्ञा सुनते हो  जो मनुष्य मुजे देता हैं
हम सब किसी न किसी प्रकार उसके काम आते हैं ..




स्वतःशी झालेली भेट

  स्वतःशी झालेली भेट सगळ्यांसाठी धावताना, कधी स्वतःसाठी थांबलोच नाही, कुणाचं मन जपता जपता, आपलंच मन कधी जपलं नाही. एक दिवस असाच शांत बसलो, क...